किसी दूसरे से बेहतर बनना ही सफलता नहीं होती सफलता का मतलब यह नहीं है कि आपको किसी दूसरे से बेहतर बनना है बल्कि सफलता का मतलब हैं जो आप अभी हैं उससे बेहतर बनना। जो लोग उन लोगों के सामने अपनी अच्छाई का प्रदर्शन करते रहते हैं, जिनका उनके जीवन में कोई स्थान ही नहीं है वह हर समय दुखी ही रहते हैं। प्रशंसा अगर हो रही हो तो प्रसन्न नहीं बल्कि ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। जो लोग दोहरे चरित्र में नहीं रह पाते उन्हें सदैव अकेलेपन का आभास होता रहता है। जो बीत गया, सो बीत गया. यदि हमसे कोई गलत काम हो गया है तो उसकी चिंता न करते हुए वर्तमान को सुधारकर भविष्य को संवारना चाहिए... किसी दूसरे से बेहतर बनना ही सफलता नहीं होती