दो चीजें हमारा परिचय देती हैं, हमारा धैर्य और हमारा व्यवहार दो चीजें हमारा परिचय देती हैं, हमारा धैर्य जब हमारे पास कुछ न हो और हमारा व्यवहार जब हमारे पास सब कुछ हो लोग क्या कहेंगे अगर ये सोचकर आप कुछ नहीं कर रहे हैं, तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए हैं. जो दो पल की खुशी आपको आने वाले कल में अत्यंत दुखी करने वाली हो उसे आज ही जहर की तरह त्याग देना ही उचित है किसी भी काम का फैसला तब तक ना करें जब तक आपके दिमाग और मन का संतुलन स्थिर ना हो। शब्दों को दो ही लोग ढंग से पढ़ते और समझते हैं ज्ञान प्राप्त करने वाले और ग़लती निकालने वाले....!! सही दिशा और सही समय का ज्ञान न हो, तो उगता हुआ सूरज भी डूबता हुआ दिखता है। ज्ञान चाहे किसी भी प्रकार का हो जब उसका मंथन ना हो तब तक उस ज्ञान के अमृत को चखना नहीं चाहिए अर्थात जानकारी पूरी होनी चाहिए,। दो चीजें हमारा परिचय देती हैं, हमारा धैर्य और हमारा व्यवहार