बुद्धिमान चुप रहते हैं बुद्धिमान चुप रहते हैं, समझदार बोलते हैं और मूर्ख बहस करते हैं अगर तुम्हारे खवाब बड़े हैं तो संघर्ष कैसे छोटा हो सकता है किसी को उतना ही उपदेश दो जितना वह समझ सके क्योंकि बाल्टी भरने के बाद पानी व्यर्थ ही जाता है जब सब साथ छोड़ दें तो निराश मत होना क्योंकि यही लोग हैं जो तुम्हें अकेले चलना सिखाएंगे झूठ का कोई भविष्य नहीं होता. वह आज आपको शायद सुख दे सकता है पर कल तो बिल्कुल नहीं बुद्धिमान चुप रहते हैं