अमर उजाला
Fri, 24 March 2023
देवी भागवत पुराण के अनुसार रंभ असुर ने अग्नि देव की तपस्या से एक पुत्र प्राप्त किया था जो महिषी यानी भैंस से उत्पन्न हुआ था
ऐसे में सभी देवताओं ने मिलकर अपनी तेज से एक तेजोमय शक्ति को प्रकट किया यही देवी मां दुर्गा कहलाईं
मां दुर्गा ने महिषासुर को युद्ध के लिए ललकारा और यह युद्ध लगातार 9 दिनों तक चला जिसके बाद महिषासुर को मां दुर्गा की शक्तियों का अहसास हो गया
फिर उसने मां दुर्गा से प्रार्थना की और कहा कि आपके हाथों से ही मेरा वध हो और मुझे मोक्ष मिले
जिसके बाद मां दुर्गा ने उसे क्षमा कर दिया और उसे वरदान दिया कि मेरे हाथों से मृत्यु पाकर तुम्हें मोक्ष प्राप्त होगा, महिषासुर का वध करने के कारण ही मां दुर्गा को महिषासुर मर्दिनी कहा जाने लगा
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