अमर उजाला
Thu, 16 May 2024
12 मई को बद्रीनााथ मंदिर के द्वार खुल गए हैं इस मौके पर बड़ी संख्या में बद्रीनाथ धाम पहुंचे
कपाट खुलते ही धाम के अंदर जो नजारा दिखा है वह देश के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है
12 मई को प्रातः 6 बजे कपाट खुलते ही सबसे पहले मंदिर के अंदर मुख्य पुरोहित ने अंदर का नजारा देखा तो वह खुश हो गए
गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की मूर्ति पर 6 महीने पहले मंदिर के कपाट बंद करने से पहले जो घृत कंबल (घी का कंबल की तरह मोटा लेप) लगाया गया था, वह ठीक उसी अवस्था में मिला है, जैसा कपाट बंद करते वक्त था
घी और कंबल पूर्व स्थिति में ही मिलना बेहद शुभ संकेत है, जिसे देखकर तीर्थ पुरोहित बहुत खुश हुए
इसके बाद परंपरानुसार भविष्यवाणी की गई कि इस साल देश में कहीं भी सूखा नहीं पड़ेगा और खुशहाली रहेगी
हर साल शीत ऋतु में बद्रीनाथ धाम के कपाट 6 महीने के लिए बंद करने से पहले भगवान बद्रीनाथ को घृत कंबल ओढ़ाया जाता है
शाम की पूजा में घंटी बजाना शुभ या अशुभ ?