अमर उजाला
Wed, 5 April 2023
हनुमान जी ने सूर्य देव को अपना गुरु बनाया था और उन्होंने सूर्य देव से नौ विद्याएं प्राप्त करने का निश्चय किया था
हनुमान जी ने विवाह नहीं किया था परंतु उन विद्याओं को सीखने के लिए विवाहित होना आवश्यक था, तब हनुमानजी जी के गुरु सूर्य देव ने उनसे विवाह करने को कहा
सूर्य देव ने अपनी परम तेजस्वी पुत्री सुवर्चला से हनुमान को शादी करने का प्रस्ताव दिया, जिसके बाद हनुमान जी और सुवर्चला का विवाह संपन्न हुआ
सुवर्चला परम तपस्वी थीं, विवाह के पश्चात बाद सुवर्चला सदा के लिए तपस्या में लीन हो गई तो वहीं हनुमान जी भी अपनी बाकी चार विद्याओं के ज्ञान पर को प्राप्त करने में लग गए
इस प्रकार विवाहित होने के बाद भी हनुमान जी का ब्रह्मचर्य व्रत नहीं टूटा
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