अमर उजाला
Fri, 20 September 2024
शास्त्रों में पुत्र का अर्थ विस्तार से बताया गया है जिसमें ‘पु’ यानी नरक और ‘त्र’ त्राण को दर्शाता है
इस हिसाब से पुत्र का अर्थ हुआ नर्क से तारने वाला, पिता या मृतक को उच्च स्थान पर पहुंचाने वाला
इसलिए पुत्र को अंतिम संस्कार की सभी प्रक्रिया करने का प्रथम अधिकार दिया गया है
हिन्दू धर्म मे बेटी को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, वहीं पुत्र को विष्णु तत्व माना जाता है
विष्णु तत्व से यहां अर्थ है पालन पोषण करने वाला, यानी घर का वो सदस्य जो पूरे घर को संभालता है
इसीलिए बेटे ही अंतिम संस्कार की क्रिया करते हैं
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