सफलता के लिए जरूरी है अंते: नारायण स्मृति नित्यानंद चरण दास के अनुसार सफलता की परिभाषा है कि लाइफ इज प्रिपरेशन, डेथ इन एग्जामिनेशन मनुष्य जीवन की सफलता का अर्थ है अंते: नारायण स्मृति। मतलब हम ऐसे जीवन जिएं कि हमें अंत में भगवान का स्मरण हो पाए अगर वह हुआ तो मानिए मनुष्य जीवन सफल हुआ है। गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं कि हम शरीर नहीं आत्मा हैं, हम खुशी चाहते हैं, लेकिन हम क्यों नहीं इसे पा रहे हैं क्योंकि हम शरीर के लिए सब कुछ कर रहे हैं, लेकिन आत्मा के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं लाइफस्टाइल