'हिंद की चादर' गुरु तेग बहादुर

अमर उजाला

Wed, 24 November 2021

Image Credit : social media

गुरु तेग बहादुर सिंह सिखों के नौवें गुरु थे जिनका बचपन का नाम त्यागमल था

Image Credit : social media

वे बचपन से ही संत स्वरूप गहन विचारवान, उदार चित्त, बहादुर व निर्भीक स्वभाव के थे

Image Credit : social media

शिक्षा-दीक्षा मीरी-पीरी के मालिक गुरु-पिता गुरु हरिगोबिंद साहिब की छत्र छाया में हुई

Image Credit : social media

इसी समय इन्होंने गुरुबाणी, धर्मग्रंथों के साथ-साथ शस्त्रों तथा घुड़सवारी आदि की शिक्षा प्राप्त की

Image Credit : social media

हरिकृष्ण राय जी (सिखों के 8वें गुरु) की अकाल मृत्यु हो जाने की वजह से गुरु तेग बहादुर जी को गुरु बनाया गया था

Image Credit : social media

मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया

Image Credit : social media

इस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम तेग बहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया

Image Credit : social media

गुरु तेग बहादुर सिंह द्वारा रचित बाणी के 15 रागों में 116 शबद (श्लोकों सहित) श्रीगुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं

Image Credit : social media
 गुरु तेग बहादुर जी की याद में उनके दिल्ली के ‘शहीदी स्थल’ पर गुरुद्वारा बना है, जिसका नाम गुरुद्वारा ‘शीश गंज साहिब’ है
Image Credit : social media

चंद्र ग्रहण का इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

istock
Read Now