अमर उजाला
Sun, 2 June 2024
इस दिन शुभ मुहूर्त, सही पूजा विधि, कथा, आरती और मंत्र के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है
ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि के बारे में जान लेते हैं
वट सावित्री पर महिलाएं स्नान के बाद लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनें
फिर पूजा की सामग्री को एकत्रित कर लें और थाली तैयार कर लें
वट वृक्ष के नीचे सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा स्थापित करें
इस दौरान बरगद के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें
फिर आप पुष्प, अक्षत, फूल, भीगा चना, गुड़ व मिठाई चढ़ाएं
बाद में वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करते हुए आप इसपर कच्चा सूत या कलावा लपेटें और फिर कथा सुने
पूरी पूजा संपन्न हो जाने के बाद आप दान करें, ऐसा करना शुभ होता है
ज्येष्ठ अमावस्या पर इन बातों का रखें ध्यान