अमर उजाला
Fri, 12 May 2023
इसके बाद पूजा घर और वट वृक्ष के नीचे पूजा स्थान की साफ सफाई करें फिर उसे गंगाजल छिड़ककर पवित्र कर लें
इसके बाद शुभ मुहूर्त में वट वृक्ष या बरगद के पेड़ की पूजा करें, पूजा के समय धूप और दीप अवश्य जलाएं
वट वृक्ष के पत्तों की माला बनाकर पहने और वट सावित्री व्रत कथा जरूर सुनें
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