अमर उजाला
Wed, 10 September 2025
सर्वपितृ अमावस्या हिंदू धर्म की प्रमुख तिथियों में से एक है, जिस पर पितृपक्ष का समापन होता है
मान्यता है कि इस दिन पिंडदान, तर्पण, दान, भोज आदि जैसे पुण्य कार्य करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी होता है
इस बार आश्विन माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 21 सितंबर, को रात 12 बजकर 16 मिनट पर होगी
वहीं इसका समापन 22 सितंबर को देर रात 01 बजकर 23 मिनट पर होगा
इसके साथ ही दोपहर 12:38 से 1:27 बजे तक का काल रौहिण मुहूर्त कहलाता है, जो तर्पण के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है
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