अमर उजाला
Wed, 25 September 2024
अश्विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है पुराणों के अनुसार इस दिन समुद्र से मां लक्ष्मी प्रकट हुई थी
साल में सिर्फ शरद पूर्णिमा पर ही चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है
यही वजह है कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है.
शरद पूर्णिमा पर स्नान-दान और रात्रि में लक्ष्मी पूजन करने से घर में किसी भी चीज की कमी नहीं होती
इस साल शरद पूर्णिमा 16 अक्टूबर 2024 को है हिन्दू धर्म में इस दिन कोजागर व्रत रखा जाता है जिसे कौमुदी व्रत भी कहते हैं
इस रात चंद्रमा की रोशनी में रहने से तमाम रोग दूर हो जाते हैं
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