अमर उजाला
Thu, 31 July 2025
हर माह के शुक्ल व कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है
सावन माह के शुक्ल पक्ष में त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 6 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 08 मिनट पर होगी
तिथि का समापन 7 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 27 मिनट पर होगा
इसलिए 6 अगस्त 2025 को प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो सावन महीने का अंतिम और अगस्त का पहला प्रदोष है
यह व्रत भगवान शिव और देवी पार्वती की उपासना को समर्पित होता है
इस तिथि पर उपवास रखने से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है
यही नहीं कन्याओं को मनचाहा वर पाने का आशीर्वाद मिलता है
इस दिन महादेव को शहद, बेलपत्र और दूध चढ़ाने से वह प्रसन्न होते हैं और सभी इच्छाएं पूरी करते हैं
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