अमर उजाला
Sun, 21 July 2024
सावन माह महादेव को समर्पित है, इस माह के प्रत्येक सोमवार को भोलेनाथ की पूजा अर्चना का विधान है
माना जाता है कि त्रिपुंड तिलक में एक नहीं बल्कि 27 अलग-अलग देवी-देवताओं की शक्तियां समाहित है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी व्यक्ति शिव जी को त्रिपुंड तिलक लगाने के बाद उसे प्रसाद रूप में अपने मस्तक पर धारण करता है
उसके वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां दूर होने लगती है
इसके अलावा अगर किसी ग्रह दोष के कारण विवाह में अड़चन आ रही है, तो त्रिपुंड तिलक के प्रभाव से वह दोष समाप्त हो जाता है
सावन में त्रिपुंड तिलक को प्रसाद में लगाने से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्ति दूर होती है
सावन में कढ़ी क्यों नहीं खानी चाहिए?