अमर उजाला
Tue, 23 July 2024
सावन माह भगवान शिव की पूजा अर्चना को समर्पित है
इस दौरान शिवभक्त महादेव के तिलक को लगाते हैं, जिसे त्रिपुंड कहते हैं
त्रिपुंड को चंदन या भस्म से लगाया जाता है, इसमें 27 देवी-देवताओं का वास माना जाता है
मान्यता है कि माथे पर त्रिपुंड लगाने से भगवान शिव की कृपा बनी रहती है
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार त्रिपुंड की प्रत्येक रेखा में 9 देवताओं का वास होता है
पहली रेखा में महादेव, पृथ्वी, ऋग्वेद, धर्म, गार्हपत्य, रजोगुण, आकार, प्रातः कालीन हवन और क्रियाशक्ति देव होते हैं
वहीं त्रिपुंड की दूसरी रेखा में इच्छाशक्ति, अंतरात्मा, दक्षिणाग्नि, सत्वगुण,
महेश्वर, ऊंकार, आकाश और मध्याह्न हवन देवता विराजमान होते हैं
तीसरी रेखा में शिव, आहवनीय अग्नि, सामवेद, ज्ञानशक्ति, तृतीय हवन स्वर्ग लोक, तमोगुण और परमात्मा का वास होता हैं
कैसे पड़ा इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ?