इन खास संयोग में मनाई जाएगी सर्वपितृ अमावस्या

अमर उजाला

Wed, 17 September 2025

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सर्वपितृ अमावस्या, पितृ पक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है
 

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  • इस दिन पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व होता है
  • इसके अलावा इस तिथि पर पितृ पक्ष की समाप्ति होने के साथ-साथ पितरों की आत्माएं अपने परिजनों को आशीर्वाद देकर पुनः अपने लोक को लौटती हैं

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  • पंचांग के अनुसार इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर 2025 को मनाई जाएगी
  • इस दिन सुबह 11:50 मिनट से दोपहर 12:38 तक का समय तर्पण का खास मुहूर्त रहेगा

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  • इसके अलावा दोपहर 12:38 से 1:27 तक तर्पण का दूसरा मुहूर्त रहेगा
  • दोपहर 1:27 से शाम 3:53 तक पिंडदान और तर्पण करने के लिए उपयुक्त समय रहेगा

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  • इस दिन संध्या तक सायं 7:52 बजे तक शुभ योग रहेगा, इसके बाद शुक्ल योग का संयोग बनेगा
  • ज्योतिषियों के मुताबिक ये दोनों खास योग पिंड दान, दान, पूजा-पाठ सहित अन्य शुभ कार्य के लिए खास माने जाते हैं

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पंचांग

  • सूर्योदय: सुबह 6:09 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:19 बजे
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:34 से 5:22 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:16 से 3:04 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:19 से 6:43 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:50 से 12:38 बजे तक

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