अमर उजाला
Fri, 10 June 2022
प्रदोष व्रत करने के लिए मनुष्य को त्रयोदशी के दिन प्रात: सूर्य उदय से पूर्व उठना चाहिए
स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें
रवि प्रदोष व्रत के दिन गुस्सा या विवाद से बचने की जरूरत है
अपशब्द न बोलें और ब्रह्मचर्य का पालन करें
पूरे दिन उपावस रखने के बाद सूर्यास्त से एक घंटा पहले नहाकर पूजा करनी होती है
प्रदोष व्रत कि पूजा में कंबल या कुशा के आसन का प्रयोग करना चाहिए
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