अमर उजाला
Tue, 10 September 2024
17 सितंबर 2024 से पितृपक्ष की शुरुआत होगी, जिसका समापन 2 अक्तूबर को होगा
इस दौरान पितरों की आत्म शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और पूजा पाठ से जुड़े कार्य किए जाते हैं
पितृपक्ष में कुछ खास नियमों का ध्यान रखा जाता है, जिससे पूर्वजों की कृपा बनी रहती हैं
मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में लोहे के बर्तन का प्रयोग नहीं करना चाहिए, इससे घर की शांति पर प्रभाव पड़ता है
इसके अलावा नए वस्त्रों की खरीदारी भूलकर भी न करें, इससे अशुभ परिणामों की प्राप्ति हो सकती हैं
पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म करने वाले व्यक्ति को नाखून और बाल नहीं कटवाने चाहिए
पांचवें दिन इस मुहूर्त में करें गणेश विसर्जन