अमर उजाला
Sat, 14 September 2024
17 सितंबर 2024 से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है, जो 2 अक्तूबर 2024 को समाप्त होंगे
इस दौरान पितरों की आत्म शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है, जिससे वह प्रसन्न होते हैं
मान्यता है कि पितरों के प्रसन्न होने से देवी-देवताओं की कृपा भी जीवन में बनी रहती है
मान्यताओं के अनुसार यदि सपने में पितरों को रोता हुआ देखा जाए, तो इसका मतलब है कि आपके पूर्वज रुष्ट हैं
वहीं अगर किसी कार्य को पूरा करने में बार बार विघ्न आ जाए, तो ये पितृ क्रोध का संकेत हो सकता है
इसके अलावा विवाह व संतान न होना और बेवजह डर या लगातार चिंता का बने रहना भी पितरों से जोड़ा जाता है
मान्यता है कि पितरों के प्रसन्न न होने के कारण ये संकेत जीवन में दिखाई देते हैं
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