पितरों के रुष्ट होने पर मिलते हैं ऐसे संकेत

अमर उजाला

Sat, 14 September 2024

Image Credit : freepik

17 सितंबर 2024 से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है, जो 2 अक्तूबर 2024 को समाप्त होंगे
 

Image Credit : freepik

इस दौरान पितरों की आत्म शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है, जिससे वह प्रसन्न होते हैं
 

Image Credit : freepik

मान्यता है कि पितरों के प्रसन्न होने से देवी-देवताओं की कृपा भी जीवन में बनी रहती है
 

Image Credit : freepik

लेकिन पितरों के रुष्ट होने पर घर में परेशानियां बनी रहती हैं, और कुछ ऐसे संकेत दिखाई देते हैं

Image Credit : freepik

मान्यताओं के अनुसार यदि सपने में पितरों को रोता हुआ देखा जाए, तो इसका मतलब है कि आपके पूर्वज रुष्ट हैं
 

Image Credit : freepik

वहीं अगर किसी कार्य को पूरा करने में बार बार विघ्न आ जाए, तो ये पितृ क्रोध का संकेत हो सकता है
 

Image Credit : freepik

खाना खाते समय यदि बाल आ जाए, तो ये भी पितृ अतृप्त का संकेत हो सकता है

Image Credit : freepik

इसके अलावा विवाह व संतान न होना और बेवजह डर या लगातार चिंता का बने रहना भी पितरों से जोड़ा जाता है
 

Image Credit : freepik

मान्यता है कि पितरों के प्रसन्न न होने के कारण ये संकेत जीवन में दिखाई देते हैं 
 

Image Credit : freepik

अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त, यहां जानें

PTI
Read Now