अमर उजाला
Tue, 23 September 2025
इस वर्ष चातुर्मास की शुरूआत 6 जुलाई 2025 को हुई थी और इसका समापन 12 नवंबर बुधवार को होगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है।
यह चातुर्मास का अंतिम दिन होता है, जो आषाढ़ माह की देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों की अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा में लीन रहते हैं, जिस कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे सभी मांगलिक और शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है।
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि का संचालन पुनः अपने हाथों में लेते हैं।
इसी शुभ दिन के साथ ही सभी रुके हुए मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है।
साल 2026 में कितने सूर्य ग्रहण लगेंगे?