अमर उजाला
Thu, 19 September 2024
आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर माताएं अपनी संतान के लिए जितिया व्रत रखती है
माताएं यह कठिन व्रत अपनी संतान की सुरक्षा और लंबी आयु के लिए रखती हैं
लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है अन्यथा संतान पर इसका बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है
इस व्रत में अष्टमी तिथि पड़ जाने के बाद अन्ना जल का त्याग करना होता है और नवमी तिथि के बाद ही पारण किया जाता है
लेकिन ध्यान रहे कि नवमी तिथि में उदया तिथि के बाद ही पारण करें इससे पहले पारण करने पर आपका व्रत निष्फल हो जाएगा
जितिया पारण के दिन स्नान कर सूर्य भगवान को अर्घ दे और गाय को भोजन कराएं गाय को भोजन कराने से सकरात्मक प्रभाव पड़ता है
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