अमर उजाला
Fri, 17 February 2023
देवों के देव महादेव की पूजा मूर्ति एवं शिवलिंग दोनों ही रूपों में की जाती है
शिव को भक्त महादेव, भोलेनाथ, शिव शंभू जैसे कई नामों से पुकारते हैं
शिव जी को स्वयंभू माना गया है, यानी कि वो अनादिकाल से सृष्टि में हैं
पुराणों के अनुसार शिव जी भगवान विष्णु के तेज से उत्पन्न हुए हैं
यही कारण हैं कि शिवशंभू हमेशा योगमुद्रा में रहते हैं
श्रीमद्भागवत के अनुसार एक बार श्रीविष्णु और ब्रह्मा अपने आप को श्रेष्ठ बताते हुए लड़ रहे थे
तभी एक जलते हुए खंभे से भगवान शिव प्रकट हुए
विष्णु पुराण के अनुसार एक बच्चे की जरूरत होने के कारण ब्रह्माजी ने तपस्या की
इसी तपस्या के प्रभाव से अचानक उनकी गोद में रोते हुए बालक शिव प्रकट हुए
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