अमर उजाला
Fri, 8 September 2023
ऐसे में पार्वती जी की सखियां उनका अपहरण करके जंगल में ले गईं, ताकि पार्वती जी के पिता उनका विवाह इच्छा के विरुद्ध भगवान विष्णु से न कर दें
जंगल में अपनी सखियों की सलाह से पार्वती जी ने एक गुफा में भगवान शिव की अराधना की
भाद्रपद तृतीया शुक्ल के दिन हस्त नक्षत्र में पार्वती जी ने मिट्टी से शिवलिंग बनाकर विधिवत पूजा की और रातभर जागरण किया
इस तरह सखियों द्वारा उनका हरण कर लेने की वजह से इस व्रत का नाम हरतालिका व्रत पड़ा, क्योंकि हरित का अर्थ है हरण करना और तालिका अर्थ है सखी
जन्माष्टमी के दिन व्रत रखते हैं तो इन नियमों का जरूर करें पालन