अमर उजाला
Sat, 16 September 2023
प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है
इस दिन के साथ पूरे देश में गणेश उत्सव शुरू हो जाएगा
जानिए आखिर गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने की क्यों है मनाही
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान गणेश माता पार्वती के आदेश पर घर के मुख्य पर खड़े होकर पहरा दे रहे थे, तभी भगवान शिव वहां आए और अंदर जाने लगे, तो गणेश जी ने उनको रोक दिया
तब गुस्से में महादेव ने उनका सिर काट दिया, माता पार्वती के कहने पर भगवान शिव ने गणेश जी को गजानन मुख प्रदान कर जीवन दिया
गजमुख के साथ दोबारा जीवन पाने पर सभी देवी देवता गणपति को आशीर्वाद दे रहे थे, लेकिन वहां मौजूद चंद्र देव गणपति को देखकर मुस्कुरा रहे थे
चंद्र देव को अपनी सुंदरता पर अभिमान था, वे गणपति जी का उपहास कर रहे थे तब गणेश जी ने नाराज होकर चंद्र देव को शाप दे दिया था कि तुम हमेशा के लिए काले हो जाओगे
शाप के प्रभाव से चंद्र देव की सुंदरता खत्म हो गई और वे काले हो गए, इसके बाद चंद्र देव को अपनी गलती का एहसास हुआ
गणपति ने कहा कि जो भी व्यक्ति भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मेरी पूजा के दौरान तुम्हारे दर्शन करेंगे उसे झूठे कलंक का सामना करना पड़ेगा
इसी कारण माना जाता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र के दर्शन नहीं करना चाहिए
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