अमर उजाला
Sun, 30 November 2025
महादेव को समर्पित प्रदोष व्रत प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 2 दिसंबर को दोपहर 3 बजकर 57 मिनट से होगा इसका समापन 3 दिसंबर दोपहर 12:25 पर है
व्रत में प्रदोष काल में पूजा का विधान है, इसलिए 2 दिसंबर, मंगलवार को ही भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा
इस दिन पूजा के लिए शुभ समय यानी प्रदोष काल शाम 05:24 बजे से रात 08:07 बजे तक रहने वाला है
मान्यता है कि इस अवधि में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि तथा पारिवारिक सौहार्द प्राप्त होता है
यही नहीं इस व्रत के प्रभाव से प्रेम जीवन सुखमय और मनचाहा साथी पाने के लिए कई गई प्रार्थनाएं पूर्ण होने की संभावना अधिक मानी जाती है
कब है मार्गशीर्ष महीने का अंतिम प्रदोष व्रत ?