अमर उजाला
Fri, 16 May 2025
यह दिन देवी सावित्री की पूजा और उनके त्याग की कथा का पाठ करने को समर्पित है
मान्यता है कि देवी ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से भी छीन लिए थे
इस दिन महिलाएं व्रत रखने के साथ-साथ बरगद के पेड़ की उपासना करती हैं
यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च। तानि सर्वानि वीनश्यन्ति प्रदक्षिण पदे पदे।।
ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष व्रत कब है ?