अमर उजाला
Fri, 15 August 2025
हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो महादेव की उपासना को समर्पित है
वर्तमान में भाद्रपद माह जारी है और इसके कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 20 अगस्त को दोपहर 01:58 बजे होगा
इसका समापन 21 अगस्त को दोपहर 12:44 बजे होगा, ऐसे में उदयातिथि के अनुसार भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत 20 अगस्त को मनाया जाएगा
अब चूंकि भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत बुधवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा
मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है
साथ ही भोलेनाथ की कृपा से सभी अटके काम भी पूरे होते हैं
वहीं इस दिन पूजा के लिए मुहूर्त शाम 06:56 बजे से रात 09:07 बजे तक रहने वाला है
इस समय में स्नान-ध्यान के बाद महादेव व माता पार्वती की विधिवत पूजा करना लाभकारी माना जाता है
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