अमर उजाला
Mon, 29 September 2025
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 4 अक्तूबर शाम 5 बजकर 8 मिनट पर होगी
इसका समापन 5 अक्तूबर को दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर होगा
मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से बड़े से बड़े संकटों का निवारण होता है
इसके अलावा वैवाहिक जीवन सुखमय और कन्याओं के मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना भी पूरी होती है
शास्त्रों में प्रदोष व्रत को महादेव को प्रसन्न करने के लिए भी सर्वश्रेष्ठ माना जाता है
इस दिन केवल शिवलिंग पर जल चढ़ाने से वह प्रसन्न होते हैं और साधक को विशेष आशीर्वाद मिलता है
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