अमर उजाला
Wed, 10 September 2025
इस बार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 सितंबर को देर रात 11 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी
तिथि का सामपान 19 सितंबर को देर रात 11 बजकर 36 मिनट पर होगा
चूंकि प्रदोष में पूजा प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए 19 सितंबर को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा
इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की उपासना से साधक के समस्त दुखों का अंत होता है
यही नहीं शिव की कृपा से व्यक्ति को रोग और कर्ज से भी राहत मिलती हैं
वहीं देवी पार्वती को श्रृंगार का सामान चढ़ाने से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं
साथ ही मनचाहा साथी पाने की इच्छा भी शीघ्र पूरी होने लगती हैं
इस दिन शाम 06 बजकर 21 मिनट से लेकर 08 बजकर 43 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त बन रहा है
ऐसे में आप इस अवधि में शिव परिवार की उपासना कर सकते हैं
20 या 21 सितंबर कब है सर्वपितृ अमावस्या ?