अमर उजाला
Wed, 9 April 2025
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 05 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और 30 अप्रैल को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगी
सनातन धर्म में उदया तिथि मान है, इसके लिए 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा
इस दिन पूजा का समय सुबह 05 बजकर 41 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक है
दान अक्षय फल देता है, यानी ऐसा पुण्य जो कभी समाप्त नहीं होता
अक्षय तृतीया के दिन तांबे के बर्तन का दान करने से शुद्धता और आरोग्यता प्राप्त होती है
पीले या सफेद वस्त्र दान करने से सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है
चावल, गेहूं और सत्तू जैसे अन्न का दान करने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती
जल से भरे कलश का दान करने से पितरों को तृप्ति मिलती है और परिवार में शांति बनी रहती है
गुड़ और देसी घी का दान जीवन में मिठास और ऊर्जा लाने वाला माना जाता है
अक्षय तृतीया पर सोना या चांदी दान करने से लक्ष्मीजी की कृपा प्राप्त होती है
हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंगबली को लगाएं इन खास चीजों का भोग