अमर उजाला
Fri, 19 January 2024
अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगी
शास्त्रों में ऐसा नियम है कि, मूर्ति स्थापना के मुख्य यजमान को कुछ कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है, जिसे 'यम नियम' कहते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने 11 दिनों तक यम नियम के पालन करने का संकल्प लिया है और वे 12 जनवरी से इस नियम का पालन कर रहे हैं
आइए जानते हैं कि क्या होता है यम नियम
शास्त्रों के अनुसार मूर्ति स्थापना या मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को पवित्र प्रक्रिया माना जाता है
इन नियमों का संबंध शास्त्रों से होता है
अष्टांग योग के आठ भाग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, भजन और समाधि) में यम नियम सबसे पहला नियम है
कुछ लोग यम नियम को बोद्ध धर्म के पांच सिद्धांत (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह) भी मानते हैं
यम नियम में प्रतिदिन स्नान, अन्न त्याग, बिस्तर पर सोने का त्याग आदि जैसे कठोर नियम होते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी व्रत-संकल्प के साथ इस धार्मिक और शास्त्रीय प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं
क्यों रामलला की 51 इंच की मूर्ति की हो रही है प्राण प्रतिष्ठा?