यहां होती है गधे की पूजा, महिलाएं करती हैं तिलक राजस्थान में गधे की भी पूजा की जाती है। महिलाएं गधे के माथे पर हल्दी-रोली का तिलक लगाकर उसके पांव पूजती हैं और पकवान खिलाने की कोशिश करती हैं हिंदू वैदिक ज्योतिष के अनुसार चैत्र महीना की कृष्ण पक्ष की अष्टमी और होली के सात दिन बाद शीतलाष्टमी आती है मान्यता के अनुसार शीतलाष्टमी के दिन शीतला माता की पूजा की जाती है। इस पूजा को बासोड़ा भी कहा जाता है इस दिन रात को पकवान बनाकर सुबह शीतला मां की पूजा कर उन्हें बासे भोजन का भोग लगाया जाता है। परिवार के सभी लोग बासा भोजन ही करते हैं महिलाएं जब शीतला माता की पूजा करने मंदिर जाती हैं तो वहां गधे की पूजा भी करती हैं महिलाएं गधे की हल्दी रोली का तिलक लगाकर उसको पकवान भी खिलाने की कोशिश करती हैं। ऐसी मान्यता है कि गधा, शीतला माता की सवारी है महिलाएं गधे की हल्दी रोली का तिलक लगाकर उसको पकवान भी खिलाने की कोशिश करती हैं। ऐसी मान्यता है कि गधा, शीतला माता की सवारी है