पायलट की यात्रा, कांग्रेस आलाकमान की टेंशन क्यों? राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन एक बार फिर सत्ता में आने का दावा करने वाले कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है पार्टी के लिए चिंता का विषय ये है कि ये कोई पहली बार नहीं है करीब एक महीने पहले धरने पर बैठने वाले पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अब जन संघर्ष यात्रा शुरू की है जिसमें वे सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक और भ्रष्टाचार सहित अन्य मुद्दे उठा रहे हैं राजनीतिक जानकारों का मानना है के पायलट गहलोत के खिलाफ खुलकर सामने आ रहे हैं लेकिन, सचिन पायलट इससे इनकार कर रहे हैं, उनका कहना है कि ये यात्रा किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि मुद्दों पर आधारित है पायलट ने दोहराया कि वे डेढ़ साल से भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के लिए सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई इधर, पायलट की पांच दिन की यात्रा की वजह से कांग्रेस आलाकमान पर भी दबाव बढ़ रहा है इसे लेकर राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दिल्ली में बैठक बुलाई है इस बैठक में गोविंद सिंह डोटासरा के साथ ही सह-प्रभारी काजी मुहम्मद निजामुद्दीन, अमृता धवन और वीरेंद्र राठौड़ भी मौजूद रहेंगे इस बैठक में गोविंद सिंह डोटासरा के साथ ही सह-प्रभारी काजी मुहम्मद निजामुद्दीन, अमृता धवन और वीरेंद्र राठौड़ भी मौजूद रहेंगे