राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे मोहनलाल सुखाड़िया के कई बड़े रोचक किस्से हैं, इनमें से एक किस्सा उनके साइन का भी है, जनता और सरकारी कामकाज समय पर हो जाएं
Image Credit : सोशल मीडिया
इसके लिए सुखाड़िया फाइलों को जल्दी निपटाने की कोशिश करते थे, इस वजह से जब उन्हें जयपुर से बाहर जाना होता, तब भी उनकी गाड़ी में हमेशा फाइलों का एक बैग साथ रहता था
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कार में ही वे उन फाइलों पर साइन करते थे, जल्दबाजी में कई बार उनके साइन गड़बड़ हो जाते थे
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ऐसे में जब ये फाइलें सचिवालय में अधिकारियों के पास पहुंचती तो संशय होने लगता कि क्या ये साइन मुख्यमंत्री के ही हैं?
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ये बात जब सुखाड़िया तक पहुंची तो उन्होंने तरकीब निकाली, बीच रास्ते में जिस भी फाइल पर वे साइन करते, उसके नीचे ब्रेकैट में कार लिख देते थे
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इसका सीधा मतलब यह था कि फाइल कार में ट्रैवलिंग के दौरान साइन की गई है, इस वजह से साइन ऊपर-नीचे या आगे-पीछे हो रहे हैं
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इसका सीधा मतलब यह था कि फाइल कार में ट्रैवलिंग के दौरान साइन की गई है, इस वजह से साइन ऊपर-नीचे या आगे-पीछे हो रहे हैं
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तब अधिकारी भी उनके साइन का ये इशारा समझ जाते कि साहब ने गाड़ी में ही फाइल देखी है और उस पर साइन किए है
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सुखाड़िया का कार में बैठकर साइन की गई फाइलों को संबंधित अधिकारी तक जल्द पहुंचाने का तरीका भी अनोखा था
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सुखाड़िया का कार में बैठकर साइन की गई फाइलों को संबंधित अधिकारी तक जल्द पहुंचाने का तरीका भी अनोखा था
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वे साइन की गईं फाइलों को बीच रास्ते पड़ने वाले जिले के कलेक्टर को सौंप देते
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जैसे- वे जयपुर से उदयपुर के लिए निकले और उनके हाथ में जयपुर की ही फाइल है तो वो इसे साइन करने के बाद अजमेर कलेक्टर को देते थे
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बाकायदा उस कलेक्टर को जिम्मेदारी देते कि फाइल जल्द से जल्द जयपुर पहुंचाई जाए