राजस्थान के इन देवी मंदिरों से जुड़ी है लाखों भक्तों की आस्था

अमर उजाला

Fri, 4 October 2024

Image Credit : सोशल मीडिया
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी भगवती के दर्शन एवं पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। ऐसे में यहां हम आपके लिए राजस्थान के प्रसिद्ध देवी मंदिरों की सूची लेकर आए हैं। मान्यता है कि यहां एक बार मां के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं।
Image Credit : सोशल मीडिया
करणी माता मंदिर

बीकानेर जिले में चूहों वाली माता के नाम से प्रसिद्ध ये मंदिर चूहों की अधिक संख्या के कारण रैट टेम्पल के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि यहां माता के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं।
Image Credit : सोशल मीडिया
तनोट माता मंदिर

जैसलमेर जिले में पाकिस्तान बॉर्डर के निकट स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि सन् 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध से इस मंदिर पर पाकिस्तान ने 3000 से भी ज्यादा बरसाए थे लेकिन मां के चमत्कार से इस मंदिर को खरोंच तक नहीं आई। 
Image Credit : सोशल मीडिया
शिला देवी मंदिर

आमेर किले में स्थित देवी दुर्गा को समर्पित यह मंदिर राजा मानसिंह प्रथम ने बनवाया था। कहा जाता है कि राजा मान सिंह के खिलाफ बंगाल में लड़ाई हारने के बाद जेसोर के राजा ने उन्हें एक काले पत्थर की पटिया भेंट की थी, जिसमें से देवी दुर्गा की छवि दिखाई देती है।
Image Credit : सोशल मीडिया
आशापुरा माता मंदिर

पाली जिले के नाड़ोल गांव में स्थित आशापुरा माता मंदिर काफी प्रसिद्ध है। इसे चौहान राजवंश की कुलदेवी भी माना जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि माता के दर्शन मात्र से भक्तों की मुरादें पूरी हो जाती हैं इसलिये ही इसे आशापुरा कहा जाता है।
Image Credit : सोशल मीडिया
जीण माता मंदिर

सीकर जिले में स्थित जीणमाता के मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में औरंगजेब को नत-मस्तक होना पड़ा था। मंदिर के चमत्कार से वह इतना प्रभावित हुआ कि उसने मंदिर में अखंड ज्योति शुरू कर उसका तेल दिल्ली दरबार से भेजना शुरू किया था।
Image Credit : सोशल मीडिया

कम समय में वजन घटाने के लिए करें ये 5 कार्डियो एक्सरसाइज

Freepik.com
Read Now