अमर उजाला
Thu, 6 April 2023
यहां ऊपरी भाग में श्रीराम दरबार और निचले भाग में श्रीराम के चरणों में दाढ़ी-मूंछ से सुशोभित हनुमानजी श्री बालाजी के रूप में विराजमान हैं
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की मान्यता भी पूरे भारत के साथ-साथ विदेशों तक फैली हुई है, यहां हनुमान जी बालक रूप में हैं
धार्मिक मान्यता है कि मेहंदीपुर बालाजी में भूत, प्रेत, पिशाच, ऊपरी बाधाएं लोगों के शरीर से उतारे जाते हैं
एक साहसी ब्राह्मण पंडित राधेलाल चौबे ने इस निर्जन स्थान में पहाड़ पर लेटे हुए हनुमान जी की विशाल मूर्ति को खोज निकाला
मान्यता है कि यहां हनुमान जी निसंतान को संतान सुख देने, शारीरिक कष्ट दूर करने, वाद-विवाद से छुटकारा दिलाते हैं
कहा जाता है कि यहां पर मंदिर स्थापित करने लिए खुद हनुमानजी ने ही आकाशवाणी के माध्यम से अपनी इच्छा प्रकट की थी
यहां हनुमानजी के दर्शन करने के लिए करीब 1100 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं लेकिन यहां कितनी सीढ़ियां कितनी हैं ये आजतक कोई नहीं बता पाया
यहां काले हनुमान जी मंदिर में भी ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं। हनुमान जी का तंत्र आधार पर यह मंदिर प्रसिद्ध है
हनुमत धाम: यहां नदी के बीचोंबीच टापू पर लगी है 104 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा