अमर उजाला
Fri, 4 October 2024
राजसमंद जिले के कसार गांव में सनातन वैदिक शिक्षण द्वारा बच्चों में वैदिक संस्कार का उजास खिला रहा है
हर साल गर्मी की छुट्टियों में यहां पर लगभग 25 साल से शिविर लग रहे हैं
लगभग दस हजार से ज्यादा बटुकों को वैदिक ज्ञान कराया जा चुका है
तीन-चार साल पहले से आए हुए बच्चे फर्राटे से मंत्र पाठ बोल रहे हैं, जिसे देख बड़े पंडित आश्चर्य में पड़ जाते हैं
साल 2008 में सीएम रहीं वसुंधरा राजे कसार गांव में वैदिक गुरुकुल खोलने के लिए दस बीघा जमीन दी थी
12 से 25 साल के देश भर के बटुक यहां वैदिक संस्कार, मंत्र और श्लोक सीख रहे हैं
शिविर में दैनिक दिनचर्या में सुबर पांच बजे जागरण, 6:30 बजे से संध्या वदन, आठ बजे अल्पाहार, 8:30 बजे प्रथम शिक्षण सत्र जिसमें संध्या वंदन, देवता नमस्कार, भद्र सुक्तम, रूद्र सुक्तम, रूद्राष्टाधाई आदि सिखाया जाता है
5:30 बजे क्रीड़ा-व्यायाम, सात बजे सायं भोजन और 8:30 बजे दिनभर क्या सीखा इसका वाचन कराया जाता है
राजस्थान का ये जिला, देश का सबसे अमीर शहर