राजस्थान के इस गांव में है शाही श्मशान घाट

अमर उजाला

Fri, 3 May 2024

Image Credit : सोशल मीडिया
बीकानेर हवेलियों और जूनागढ़ किले की वजह से प्रसिद्ध है, यहां राजा महाराजा से जुड़े कई महल, हवेलियां हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं
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आपने कई बार श्मशान गृह देखे होंगे, लेकिन कभी आपने शाही श्मशान देखा है? अगर नहीं देखा तो आज हम आपको शाही श्मशान के बारे में बताते हैं
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बीकानेर से 15 से 20 किलोमीटर देवीकुंड सागर गांव में बीकानेर राजघराने का शाही श्मशान है, इस श्मशान को देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं
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मोक्षधाम से जुड़े रविशंकर पुरोहित ने बताया कि यह बीकानेर के राजा महाराजाओं का श्मशान है, यह श्मशान करीब 500 साल पुराना है
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राजपरिवार की ओर से संचालित ट्रस्ट की ओर से ही इन छतरियों की देखभाल की जाती है, बीकानेर रियासत के राजपरिवार के सदस्यों का अंतिम विश्राम स्थल के रूप में देवीकुंड सागर की पहचान है
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इस मोक्ष धाम में राज परिवार के किसी भी सदस्य के निधन के बाद उनकी अंत्येष्टि यहीं की जाती रही है, अंत्येष्टि के बाद उसी स्थान पर एक छतरी का निर्माण करवाया जाता है
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इस मोक्ष धाम में बीकानेर रियासत के शुरुआती दो या तीन महाराजाओं को छोड़कर सभी राजाओं और राज परिवार के किसी भी सदस्य के निधन के बाद उनकी अंत्येष्टि यहीं की जाती रही है
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आज भी यह परंपरा कायम है, यहां करीब 300 से 400 छतरियां बनी हुई हैं
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