जुनून हो तो ऐसा, व्हीलचेयर पर बैठे डॉ. की कहानी... ये हैं 58 साल के भरतपुर के डॉ. जगवीर सिंह नवंबर 2021 में पुणे में हुई 200 किमी की एक साइकिल रेस में खंभे से टकरा गए थे सिर में चोट आई, दोनों फेफड़े डैमेज हुए, रीढ़ में मल्टीपल फ्रैक्चर आए, इससे कमर से नीचे का हिस्सा पैरेलाइज हो गया भारत-अमेरिका में तीन महीने तक इलाज चला, लेकिन रिकवरी नहीं हो पाई, अब व्हील चेयर ही इनका सहारा है लेकिन, इस निराशा को ऑर्थोपेडिक सर्जन ने अपनी जीवटता से उत्साह में बदल दिया, मार्च 2022 से ओपीडी में मरीज देखने शुरू किए जून में ऑपरेशन करने लगे, व्हील चेयर पर बैठे-बैठे अब तक 100 से ज्यादा ऑपरेशन कर चुके हैं इसके लिए उन्होंने विशेष व्हील चेयर मंगाई, जिसे ऑपरेशन के दौरान जरूरत के हिसाब से 5 फीट ऊंचा किया जा सकता है उनका सपना अगले साल तक फिर साइकिलिंग करने का है डॉ. जगवीर कहते हैं कि लोग मुझे देखकर सोचते हैं कि ये इलाज कैसे करेगा, पर व्हील चेयर से ज्यादा मजबूत विल पावर होती है डॉ. जगवीर कहते हैं कि लोग मुझे देखकर सोचते हैं कि ये इलाज कैसे करेगा, पर व्हील चेयर से ज्यादा मजबूत विल पावर होती है