जिन्ना से सरदार पटेल ने छीना जोधपुर

अमर उजाला

Mon, 15 August 2022

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सरदार वल्लभ भाई पटेल और पं. जवाहर लाल नेहरू के लिए देसी रियासतों को भारत में शामिल करना चुनौती से कम नहीं था

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देशी रियासतों को भारत में मिलाने की जिम्मेदारी सरदार पटेल ने ले ली

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सरदार पटेल वे वी.पी मेनन के साथ मिलकर राजा, रजवाड़ों, निजाम और महाराजाओं से मिलने लगे

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जोधपुर रियासत काफी बड़ा रजवाड़ा था, वहां का राजा हिंदू था और अधिकांश प्रजा भी हिंदू ही थी 
 
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 राजा हनुवंत सिंह के दिमाग में किसी ने डाल दिया कि उसे पाकिस्तान में मिल जाना चाहिए

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 अली जिन्ना ने भी महाराजा को कई प्रलोभन दिए, जिसके बाद महाराजा पाकिस्तान में मिलने को तैयार हो गए
 

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सरदार पटेल तक यह बात पहुंची, ऐसे में डर था कि जोधपुर के साथ ही जयपुर और उदयपुर भी हाथ से निकल जाएंगे
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सरदार पटेल ने तुरंत महाराजा से बातचीत की और उनकी सारी शर्तें मानी 


 
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आखिरकार सरदार पटेल की कोशिश सफल हुई और महाराजा भारत का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गए
 

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जोधपुर के महाराजा ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए और जोधपुर भारत का हिस्सा बन गया

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