अमर उजाला
Mon, 16 May 2022
कहा जाता है कि ये गांव पिछले 300 सालों से श्रापित है
कुलधरा गांव को पालीवाल ब्राह्मणों ने सन 1291 में बसाया था
वहीं गांव के ब्राह्मण अपनी पुत्री की शादी दूसरी बिरादरी में नहीं करना चाहते थें
सालेम सिंह के डराने-धमकाने पर सभी ग्रामीणों ने रातों-रात एक साथ गांव छोड़ दिया
जाते वक्त ब्राह्माणों ने श्राप दिया कि जो भी गांव में बसने की कोशिश करेगा, वो बर्बाद हो जाएगा
तब से 300 साल से कुलधरा वीरान पड़ा हुआ है
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