राजस्थान: चित्तौड़गढ़ के बारे में जानिए यह ऐतिहासिक महल मल सरोवर के किनारे पर बना है। यह पर्यटकों की एक पसंदीदा जगह है मालवा और गुजरात के मुस्लिम शासकों को हराकर महाराणा कुम्भा ने 1440 ई. में इसका निर्माण शुरू कराया था। इसे बनाने में आठ साल लगे थे इसे महाराणा फतेह सिंह ने अपने रहने के लिए बनवाया था। अब इस महल को संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है इसे सास-बहू और मंदाकिनी कुंड के नाम से भी जाना जाता है। यहां प्राचीन समिद्धेश्वर मंदिर भी है इस महल में शाही परिवार सर्दियों के मौसम में रहा करता था। यह पैलेस और इससे थोड़ी दूर स्थित झील पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है यह पैलेस अब खंडहर में तब्दील हो गया है। इस महल में भूमिगत तहखाने हैं, जहां रानी पद्मिनी के साथ कई रानियों और राजपूत स्त्रियों ने जौहर किया था यह किला 200 फीट ऊंची पहाड़ी पर बना है। माना जाता है कि इस किले का निर्माण दूसरी शताब्दी में किया गया था सरोडगढ़ फोर्ट