राजस्थान के इन मंदिरों का जरूर करें दर्शन

अमर उजाला

Wed, 22 March 2023

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त्रिपुर सुंदरी शक्तिपीठ मंदिर, बांसवाड़ा

मान्यता है कि मंदिर में मांगी गई मनोकामनाएं देवी पूर्ण करती हैं, यहां आमजन से लेकर पीएम-सीएम तक लगाते हैं हाजिरी
 

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कैला देवी मंदिर, शक्तिपीठ, करौली

चांदी की चौकी पर स्वर्ण छतरियों के नीचे दो प्रतिमाएं हैं, एक बाईं ओर है, वो कैला मइया हैं, दाहिनी ओर माता चामुंडा देवी की प्रतिमा है
 
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श्री करणी माता मंदिर, देशनोक-बीकानेर

इस मंदिर में बड़ी संख्या में चूहे रहते हैं, इसलिए इसे चूहे वाली माता का मंदिर या रैट टेंपल भी कहा जाता है, सफेद चूहों को मां करणी का वाहक माना जाता है
 
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श्री शिला मातामंदिर, आमेर

मान्यता है कि प्रतिमा एक शिला के रूप में मिली थी, इसको आंबेर के शासक राजा मान सिंह प्रथम बंगाल के जसोर राज्य पर जीत के बाद आमेर लाए थे
 
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श्री चामुंडा माता मंदिर, मेहरानगढ़, जोधपुर

चामुंडा माता मंदिर शाही परिवार की ईष्ट देवी का मंदिर है, जोधपुर शहर के संस्थापक राव जोधा ने 1460 में मंदोरे की पुरानी राजधानी से मूर्ति खरीदी थी
 
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श्री जीण माता मंदिर, सीकर

शेखावाटी क्षेत्र के सीकर जिले में स्थित जीण माता मंदिर लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध धाम है, नवरात्रों में यहां बहुत बड़ा मेला भरता है
 
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अर्बुदा देवी मंदिर, शक्तिपीठ, माउंटआबू

मंदिर को अधर देवी शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है, माना जाता है कि यहां माना देवी पार्वती के होंठ गिरे थे, इसलिए यहां शक्तिपीठ स्थापित हुआ
 
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ईडाणा माता मंदिर, उदयपुर

राजस्थान के गौरवशाली मेवाड़ के सबसे प्रमुख शक्ति पीठों में से एक ईडाणा माता मंदिर में खुश होने पर माता स्वयं ही अग्नि स्नान करती हैं
 
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श्री कृष्णाई अन्नपूर्णा माताजी मंदिर, बारां

यहां 900 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर के दर्शन किए जाते हैं, जो घुमावदार हैं, मान्यता है कि माता एक गुफा से स्वयं प्रकट हुई थीं, यहां मां दुर्गा कन्या स्वरूप में हैं

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