अमर उजाला
Fri, 11 August 2023
मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर को धर्मनगरी और बाबा महाकाल की नगरी के नाम से जाना जाता है.
यहां 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर स्थित है.
महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव महाकाल के रूप में विराजमान हैं.
महाकालेश्वर एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग हैं, जहां भगवान शिव दक्षिण दिशा में विराजमान हैं.
शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव उज्जैन में खुद ही लिंग के रूप में विराजमान हुए थे.
जानकारों का मानना है कि महाकाल मंदिर पृथ्वी की नाभि पर स्थित है.
पृथ्वी का केंद्र उज्जैन में होने और शंकु यंत्र पर महाकालेश्वर लिंग स्थित होने के चलते यहां से पूरी पृथ्वी की काल गणना की जाती है.
महाकालेश्वर एकमात्र ज्योतिर्लिंग है, जहां भगवान शिव की भस्मारती की जाती है.
सावन और भादो मास में बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं, ये परंपरा सिर्फ महाकालेश्वर में ही प्रचलित है.
उज्जैन के राजा बाबा महाकाल है, इसलिए यहां देश के पीएम से लेकर राज्य के सीएम तक रात में नहीं रुकते.
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