हरिहर मिलन: भगवान शिव ने विष्णु जी को सौंपा सृष्टि का भार, जानें इसके पीछे की रोचक मान्यता
अमर उजाला
Tue, 4 November 2025
Image Credit : Amar Ujala
श्री सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में सोमवार-मंगलवार के दरमियानी 12 बजे हरिहर मिलन हुआ और भगवान महाकाल ने गोपालजी को चार महीने के लिए सृष्टि का भार सौंपा
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भगवान महाकाल की ओर से पुजारी ने गोपालजी को बिल्व पत्र की माला पहनाई वही भगवान गोपालजी की ओर से महाकाल को तुलसी की माला पहनाई गई
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महाकालेश्वर मंदिर से रात 11 बजे राजसी वैभव के साथ निकलने वाली सवारी में पुलिस का अश्वरोही दल, पुलिस बैंड, सशस्त्र बल की टुकड़ी तथा अग्निरोधी दस्ता भी शामिल रहे
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बता दें कि महाकाल मंदिर से शुरू होकर सवारी कोटमोहल्ला, गुदरी चौराहा, पटनी बाजार होते हुए रात 12 बजे गोपाल मंदिर पहुंची
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यहां सभा मंडप में भगवान महाकाल को गोपालजी के सम्मुख विराजित कर पूजा अर्चना की गई। जिसके पश्चात रात 2 बजे भगवान महाकाल की सवारी पुन: मंदिर के लिए रवाना हुई
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मान्यता के अनुसार देव शयनी एकादशी से चार माह के लिए भगवान विष्णु पाताल लोक में राजा बलि के यहां विश्राम करने चले जाते हैं। तब पृथ्वी लोक की सत्ता शिवजी के पास होती है
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फिर जब देव उठनी एकादशी पर विष्णुजी जागते हैं तब बैकुंठ चतुर्दशी के दिन शिवजी यह सत्ता पुनः विष्णुजी को सौंपकर कैलाश पर्वत पर तपस्या के लिए लौट जाते हैं। इसी परंपरा को हरि-हर मिलन कहते हैं
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