चैत्र नवरात्रि: दर्शन कीजिए कलचुरी कालीन देवी त्रिपुर सुंदरी के जबलपुर से 13 किमी दूर तेवर गांव में स्थित है मंदिर के गर्भगृह में स्थापित देवी की प्रतिमा स्वयंभू मानी जाती है राजा कर्ण की कुलदेवी हैं। राजा कर्ण ने ही 11वीं शताब्दी में मंदिर का निर्माण कराया था गर्भगृह में माता पद्मासन में बैठी हैं। प्रतिमा में महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती के दर्शन होते हैं किवदंतियों के अनुसार राजा कर्ण रोज देवी को सवा मन सोना भेंट करते थे 11वीं शताब्दी के इस आस्था केंद्र से कई किवदंतियां और चमत्कार के किस्से जुड़े हैं नवरात्रि के साथ ही सालभर माता के दर्शनों के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रहती है मन्नतों के लिए श्रद्धालु परिसर में लाल चुनरी में नारियल बांधते हैं TRIPUR SUNDARI