एक किला जिसे 400 साल तक कोई नहीं जीत सका

अमर उजाला

Sat, 25 June 2022

Image Credit : सोशल मीडिया

सबलगढ़ का किला

मध्य प्रदेश के मुरैना से लगभग 60 किमी दूर एक पहाड़ी के शिखर पर बना है
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इस किले की नींव 16वीं शताब्दी में सबला सिंह गुर्जर ने रखी थी, किले का नाम उन्हीं के नाम पर सबलगढ़ रखा गया 
 

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करौली के तत्कालीन महाराजा गोपाल सिंह ने 17वीं शताब्दी के अंत में इसे पूरा करवाया था

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सबलगढ़ किला सबसे मजबूत किलों में शामिल था, इसलिए हर राजा इस पर कब्जा करना चाहता था
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सबलगढ़ किले पर 400 सालों तक कोई भी आक्रांता आक्रमण कर इसे जीत नहीं पाया
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सिंकदर लोदी ने कुछ समय के लिए किले को अपने नियंत्रण में लिया था, लेकिन करौली के राजा ने मराठों की मदद से इसे पुन: जीत लिया
 
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किले के पीछे सिंधिया काल में बना एक बांध है, जहां की सुंदरता देखते ही बनती है
 

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सबलगढ़ का किला अत्यंत सुन्दर एवं मनमोहक है, यह प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से एक रमणीय स्थल के रूप में जाना जाता है
 

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किले के प्राचीर से लगा हुआ एक बड़ा तालाब है, जिसमें साल भर पानी रहता है
 
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सबलगढ़ किले के चारों तरफ पहाड़ी क्षेत्र है, जिस पर फैली हरियाली किले की सुंदरता को और बढ़ा देती है
 

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यूरोपियन यात्री ट्रीफन थ्रेलर ने अपने यात्रा वृतांत में सबलगढ़ किले को एक मजबूत किला बताया है
 
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