अमर उजाला
Sat, 25 June 2022
इस किले की नींव 16वीं शताब्दी में सबला सिंह गुर्जर ने रखी थी, किले का नाम उन्हीं के नाम पर सबलगढ़ रखा गया
करौली के तत्कालीन महाराजा गोपाल सिंह ने 17वीं शताब्दी के अंत में इसे पूरा करवाया था
किले के पीछे सिंधिया काल में बना एक बांध है, जहां की सुंदरता देखते ही बनती है
सबलगढ़ का किला अत्यंत सुन्दर एवं मनमोहक है, यह प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से एक रमणीय स्थल के रूप में जाना जाता है
सबलगढ़ किले के चारों तरफ पहाड़ी क्षेत्र है, जिस पर फैली हरियाली किले की सुंदरता को और बढ़ा देती है
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