रानी दुर्गावती: गढ़ मंडला की वीरांगना

अमर उजाला

Fri, 24 June 2022

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मुगलों को सबक सिखाने वाली रानी दुर्गावती की आज 459 वीं पुण्यतिथि है
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24 जून 1564 को रानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे
 

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रानी दुर्गावती गोंडवाना वर्तमान मध्य प्रदेश के मंडला-जबलपुर क्षेत्र की शासिका थीं
 

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गोंडवाना साम्राज्य के राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपत शाह से रानी दुर्गावती का विवाह हुआ था
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विवाह के चार साल बाद दलपत शाह की मृत्यु हो गई, जिसके बाद रानी दुर्गावती ने शासन की बागडोर संभाली

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पति की मृत्यु के बाद रानी दुर्गावती ने गोंडवाना में 15 साल तक शासन किया 

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1556 में रानी ने बाज बहादुर को धूल चटाई, 1564 में असफ खान ने गोंडवाना पर हमला बोला और रानी दुर्गावती से हार गया
 
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रानी ने अकबर से हाथी पर सवार होकर युद्ध किया और अंतिम समय में खुद के सीने में कटार मारकर वीरगति प्राप्त की
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जबलपुर के बरेला में युद्ध स्थल के पास रानी दुर्गावती की समाधि स्थित है, गोंड जनजाति के लोग रानी की देवी के रूप में पूजा करते हैं 
 
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रानी दुर्गावती ने अपने शासनकाल में कई मंदिरों, बावड़ियों और ताल-तलैयों का निर्माण कराया था
 
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जबलपुर का रानीताल रानी ने बनवाया था, यहां वे मदन महल किले से स्नान करने के लिए आया करती थीं
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